저자: VijayKedia · 외국인
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Vijay Kedia는 인도 증시가 강세장이 더 길게 갈 것이라고 보며, 최근 조정은 정상적 변동으로 본다. 그가 10년간 보유한 Atul Auto와 Repo India(OIA 언급)가 52주 고점 대비 45~50% 할인 상태라 매력적이라는 취지. 근거: Atul Auto FY24 매출 577억 루피 등 실적 반등, Repo India 매출 감소 수치 언급. 단, 영상은 투자 권유가 아닌 정보 제공이라고 명시.
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विजय केडिया के बारे में
शेयर बाज़ार से जुड़े लोग विजय केडिया के नाम से ज़रूर परिचित होंगे। वे एक उत्साही निवेशक हैं और उन्हें भारत के वारेन बफेट भी कहा जाता है। जो निवेशक उनके पोर्टफोलियो के शेयरों पर नज़र रखते हैं, उनके लिए आज हम कुछ ऐसे शेयरों की बात करेंगे जो अभी 45 से 50 प्रतिशत तक की छूट पर उपलब्ध हैं।
इन शेयरों का रिकॉर्ड
ये शेयर पिछले 10 सालों से विजय केडिया के पोर्टफोलियो का हिस्सा रहे हैं और कई मौकों पर इन्होंने शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन इन्हें खरीदना है या नहीं, यह पूरी तरह आपका फैसला है। हमारा मकसद सिर्फ जानकारी देना है। Money9 किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं देता।
बाज़ार पर विजय केडिया की राय
आइए, अब छूट पर मिल रहे शेयरों की बात करने से पहले देखते हैं कि विजय केडिया शेयर बाज़ार के बारे में क्या सोचते हैं। उनका कहना है कि भारतीय शेयर बाज़ार में इस वक्त एक बुनियादी बदलाव देखने को मिल रहा है और अब तेजी का दौर (बुल मार्केट) पहले से ज़्यादा लंबा चलेगा।
इसका मतलब है कि बाज़ार में तेजी का रुख लंबे समय तक दिखेगा और मंदी का दौर (बियर मार्केट), यानी गिरावट की अवधि, छोटी होगी। इसका ताज़ा उदाहरण यह है कि पिछले साल सितंबर-अक्टूबर से भारतीय बाज़ार में गिरावट शुरू हुई थी, और पिछले एक हफ्ते से बाज़ार में रिकवरी दिख रही है। यानी बाज़ार में लगभग 6 महीने की गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, उससे पहले बाज़ार में 3 से 4 साल का ज़बरदस्त उछाल भी देखा गया था।
वे यह भी कहते हैं कि फिलहाल बाज़ार कंसॉलिडेशन के दौर में है और आगे भी यह दौर जारी रह सकता है। उनके मुताबिक बाज़ार में उतार-चढ़ाव अब एक सामान्य चलन है, इसलिए इससे घबराने की ज़रूरत नहीं है।
पहला शेयर: अतुल ऑटो लिमिटेड
अब उन शेयरों की ओर चलते हैं जो विजय केडिया के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं और अभी छूट पर उपलब्ध हैं। इनमें पहला नाम है अतुल ऑटो लिमिटेड का। यह शेयर 2015 से विजय केडिया के पोर्टफोलियो में है, यानी पिछले 10 सालों से। शेयर बाज़ार में गिरावट के बावजूद विजय केडिया ने इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो से नहीं हटाया।
मार्च 2020 में इस शेयर का भाव लगभग 50 रुपये था और अब इसमें बढ़त देखी गई है। आज सुबह 11 बजे, यानी 25 मार्च को 11:00 बजे तक, शेयर ₹71 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि आज सुबह के कारोबार में शेयर में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹844 है, यानी इस समय शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर से लगभग 45 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है।
ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि इन शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करके आने वाले समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
अब जानते हैं कि अतुल ऑटो में विजय केडिया की कितनी हिस्सेदारी है। दिसंबर तिमाही तक विजय केडिया की कंपनी केडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की अतुल ऑटो में 2.71 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, और विजय केडिया खुद इस शेयर में 18 प्रतिशत से ज़्यादा की हिस्सेदारी रखते हैं। यानी कुल मिलाकर अतुल ऑटो में विजय केडिया की 20 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सेदारी है।
अब देखते हैं कि अतुल ऑटो लिमिटेड का प्रदर्शन कैसा रहा है। कंपनी की बिक्री FY29 में ₹667 करोड़ थी, जो FY24 में घटकर ₹577 करोड़ रह गई, यानी कंपनी की बिक्री में ₹21 करोड़ की गिरावट आई। हालांकि अब बिक्री में सुधार दिख रहा है, और अप्रैल से दिसंबर 2024 के बीच बिक्री ₹5511 करोड़ रही।
कंपनी का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) अप्रैल से दिसंबर 2024 के बीच ₹125 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ₹79 करोड़ की बढ़त है। बिक्री और शुद्ध लाभ, दोनों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ ही, 2023 में कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार में भी कदम रखा है। नतीजतन, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन और भी मज़बूत हो सकता है।
दूसरा शेयर: OIA लिमिटेड (रेपो इंडिया)
अब एक और शेयर की बात करते हैं, जो पिछले 10 सालों से विजय केडिया के पोर्टफोलियो का हिस्सा रहा है और अभी छूट पर उपलब्ध है। यह शेयर है OIA लिमिटेड। यह शेयर 2015 से विजय केडिया के पोर्टफोलियो में है। कंपनी का मार्केट कैप अभी ₹69 करोड़ है।
यह रेपो इंडिया की सहायक कंपनी (सब्सिडियरी) है और यह प्रिंटिंग का कारोबार भी करती है। मार्च 2020 में कंपनी का शेयर ₹20 के आसपास था, और आज सुबह 11:15 बजे तक शेयर ₹4425 पर ट्रेड कर रहा था। (मूल ट्रांसक्रिप्ट में ये आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए शेयर भाव को लेकर सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।) इस दौरान शेयर में ₹25 की बढ़त दर्ज हुई है। अब 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर की बात करें, तो यह ₹883 है, और शेयर अभी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर से 50 प्रतिशत से ज़्यादा की छूट पर उपलब्ध है।
यानी इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने का आपके पास मौका है।
अब देखते हैं कि रेपो इंडिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी है। दिसंबर तिमाही तक विजय केडिया की रेपो इंडिया में 6.33 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसकी कीमत 9 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। विजय केडिया के अलावा निवेशक मधुसूदन केला की भी कंपनी में हिस्सेदारी है, जो 3 प्रतिशत से ज़्यादा है।
अब देखते हैं कि रेपो इंडिया के ग्राहक कौन हैं। रेपो इंडिया के ग्राहकों में पहला नाम कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस का है। इसके बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस और पेंगुइन पब्लिशिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं। अमेज़न भी रेपो इंडिया की डिजिटल प्रिंटिंग का ग्राहक है।
अब रेपो इंडिया के प्रदर्शन की बात करते हैं, क्योंकि किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसका प्रदर्शन देखना भी ज़रूरी है। रेपो इंडिया की बिक्री FY23 में ₹399 करोड़ थी और FY24 में ₹380 करोड़ दर्ज की गई। 2024 में अप्रैल से दिसंबर के बीच कंपनी की अब तक की बिक्री ₹343 करोड़ रही है, यानी 2024 के कुछ ही महीनों में कंपनी ने ₹343 करोड़ की बिक्री कर ली है।
तो ये थी उन दो शेयरों की जानकारी, जो पिछले 10 सालों से विजय केडिया के पोर्टफोलियो का हिस्सा रहे हैं और अभी 45 से 50 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध हैं। इनमें निवेश करना है या नहीं, यह आपका फैसला होगा। इसमें आप किसी विशेषज्ञ की मदद भी ले सकते हैं। उम्मीद है आपको हमारी यह रिपोर्ट पसंद आई होगी।







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